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सावधान

समस्या जब छोटी होती ह तब ही उसे हल करना समझदारी होती है
औ सबसे आसान काम होता है लकिन समस्या ढ़ने पर जीव नर्क बन जात है
और जीन मुश्किल हो ाता है।


केव समस्यओं को ी नहीं उनके कारण भी दूर रो
यदि कार दूर नहीं हुआ तो एक समस्ा दूर करते ह
तुरंत दूसरी समस्या खडी हो जाएगी।
फिर एक के बाद एक आती हुई मस्याओं से डते-लडते थक जाओगे।
अंततः आत्महत्य के विचार आने लग जाऐगें।
जीवन नर्क न जाएगा एवं मरने में देर नहीं लगेगी।



आखर आपकी समस्ाएँ हल क्यो नहीं होती?

जैसे बिना विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह के ममाने ढंग से ेडिकल की गोी खाने से कैंसर ठीक नहीं होता ठीक उस प्रकार जीव की बड़ी-बड़ समस्याएँ बना किसी अच्े ज्ञानी ज्ोतिषी की सलह के
पूजा ाठ करने या कवाने से भी हल नहीं होती ै और यही गलत आप हमेशा करते हैं।


हमार सलाह से चलोगे तो हमेशा ुखी रहोगे...

विशेष जानकार- मैं आपसे यह वादा करता हूँ कि मेरे ास आने के बाद
आपको किस ओर के पास जाने की जरूरत हीं पड़ेगी।

समझदारी इसी में है (जरूर पढ़िए)

हमेशा याद रखें - 1) बीमारी का इलाज करवाना है तो किसी जनकार और विशषज्ञ डॉक्ट को चुनें
2) केस लड़ना ै तो अच्छे और योग्य वकील को चुनें
3) पूजा पाठ कवाना है तो वद्वान ब्रा्मण को चुने
4) समस्याओं से मुक्ति प्राप्त करना हो तो केवल ुझे चुनें।

यदि थड़ा सा पैसा खर्च करने से दुःख मिटते ैं और समस्यओं से पीछा छटता है तो तुरंत पैसा खर्च कर देना चािए ज्यादा सचना नहीं चािए क्योंकि वैसे भी असपतालों में ोर्ट.कचहरी ें और घर में बरकत ना होने से पैसा फालू ही खर्च होा है जिसका हमें कोई लाभ हीं मिलता ह।

हमेशा े लिए यदि सुखी होना हो त मेरी बातें ानो ...

- विशेषताएँ -
अवेतन मन की शकति (The Power of Subconscious Mind)
आकर्षण के सिद्धांत (The Law of Attraction)
सम्मोहन (Hypnotism)
कुंडलिनी श्ति जागरण
सूक्ष्म शरी की साधना
त्मसाक्षातकार संबंधि साधना
वशीरण कर्म
शांति कर्म एवं समस्त तांत्रिक कर्म आदि के जानकार

मुझसे जुड़े रहने के पंच फायदे:
धीरे-धीरे पकी सभी समसयाएं हल होन लगेगी।
आप ीवन में दुख की जगह सुख क अनुभव करने गेंगे।
मैं ऐसी पूजन पठ बताऊंगा जसको करके आप ुरंत फल प्रप्त कर सकते हैं
और आपक घर में सुख शांति भी रहेगी।
आपके घर ें बरकत आ जागी अर्थात आके पास अब पैसा बचने लगेगा।
आपके सभ रुके हुए काम धीरे-धीरे ूर्ण होने लेंगे और आपक जीवन में सफता मिलने लगगी।
हमार सलाह से चलोे तो हमेशा सुखी रहोगे...



आत्म साक्षात्कारी, तांत्रिक क्रियओं के अनुभव, ज्योतिष आचार्य

पंडत सुनिल उपा्‍याय

मोाईल 7898018818

समसयाओं का तुरत समाधान

01 गृ क्लेश अथवा र के रोज बिना कारण के होे वाले लड़ा झगड़े।
02 घर के सदस्यं में एकता क अभाव।
03 ार्यों में ुकावट अथवा नते बनते का बिगड़ना।
04 मन में निाशा अथवा आतमहत्या के वचार। एवं घर छोडकर चले जाने की इच्छा ोना।
05 व्यापार-व्यवसय अथवा खेती में नुकसान।
06 घर में बरकत का अभाव थवा धन का नुसान।
07 शरीरिक कष्ट थवा बीमारियाँ।
08 दुरघटना एवं अकल मृत्यु का भय।
09 विवह अथवा संता प्राप्ति मं रुकावट।
10 तांत्रिक क्रिया से नकसान।
11 भूमि दोष, वासतु दोष, पितृ दोष, कालसर्प दोष, मंगल दो
12 बच्चो का पढ़ाई मे मन ना लगना, ार-बार प्रयस करने के बाद भी परीक्षा में फेल होन
13 पुत्र थवा पुत्री थवा पति या प्नी आदि किस के भी प्रेम जाल में फंसा।
14 पति-त्नी के बीच ्रेम का अभा अथवा झगड़े या पत्नि का ायके चली जाा अथवा पति दवारा छोड़ दना, त्याग देना।
15 पति अथवा पत्नि अथवा पुत्र आदि किसी का भी लत मार्ग पर जाना।
16 डक्टर द्वार सभी जाँच ना्मल बताने प भी बीमार रहना या बीमारी पकड़ में ना ना अथवा दवा लेने के बाद भी आराम नही होना।
17 राब,भांग,गाजा,डग्स आदि िसी भी प्रकर का व्यसन करना।
18 भू प्रेत अथवा बाहरी हवा के द्वारा शारीरिक कष्ट देना अथवा चौकी गना।
19 तांत्रिक क्रिाओं से नुकसन, कालाजादू, इस्‍लामिक अर्थात मुसलमनी क्रियाऐ।
20 टूनेटोटको से नुकसान, वशीकरण, मरण प्रयोग हना, अभिमंत्ित करके कुछ खिला देना।
21 बुद्धि बंध देना, दिमाग काम ना करा, पागल कर देना।

पूजन-पाठ ए मंत्र जाप
01 मंगल शाति के लिए भात पूजन
02 ालसर्प दोष ूजन एवं राहकेतु की शांि
03 पितृ ांति पूजन नरायण बलि, नागबलि, तर्पण, िण्डदान, सु-शांति की त्रिपिण्डी, अकाल मृत्यु वाले लोगों की दगति के लिए लाश कर्म एव पुतला क्रिा एवं पित्रओं से संबंधत सभी कर्मकंड
04 साधरण महामृत्युंजय मंत्र जाप एवं बीज मत्रों सहीत हामृत्युंज मंत्र जाप एवं हवन एवं सी
पूजन-पठ विधि-विधा से विद्वान ब्राह्मणों ्वारा बहुत म दक्षिणा मं उज्जैन (मध्यप्रदेश) में करवाई जाती है।

नोट: आपकी पूजा अच्छे से हो तथा सय पर हो एवं पको अन्य किी प्रकार की रेशानी ना ह इसलिए कृपय एक दिन पहले पूजा बुक कराऐ।

नोट: ्रत्येक मा में आने वाल शुभ मुहूर् जैसे सर्वा्थ सिद्धि यगए अमृत सिदधि योग और सिद्धि योग इन्हीं योगों में पूजन पाठ इ्यादि करवाने से पूजन का ूर्ण फल प्रप्त होता है जल्दी लाभ होता है एवं मोकामना जल्दी पूर्ण होती है तथा जल्द से समस्याए भी समाप्त हने लगती है।